स्वर्ण समाज ने की यूजीसी कानून वापस लेने की मांग
उपजिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
शिक्षा संस्थानों में ना हो जाति के आधार पर भेदभाव-अजय शर्मा
स्वर्ण समाज के लोगों ने तहसीलदार एवं उपजिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित कर यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की है। इस दौरान स्वर्ण समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन भी किया और यूजीसी कानून केे प्रति विरोध जताया। अजय शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। सरकार को समान रूप से छात्रों के हितों में काम करना चाहिए। सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के अधिकारों को नजरअंदाज करना गलत है। अजय शर्मा ने मांग की है कि सरकार को इस कानून को वापस लेना चाहिए। जिससे छात्रों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। शमिक मिश्रा एवं सुबोध बंसल ने कहा कि सरकार के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से मांग कर रहे स्वर्ण समाज के लोगों के साथ मारपीट जैसी घटना निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए खतरा है। ऐसे कानून को वापस लिया जाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में भेदभावपूर्ण नीति नहीं होनी चाहिए। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक एवं बालकृष्ण शास्त्री ने कहा कि सरकार को स्वर्ण समाज की मांग का ध्यान रखना चाहिए। शिक्षण संस्थानों में दोहरी नीति लागू ना की जाए। सामान्य वर्ग के अधिकारों को इस कानून से दबाने प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर सरकार को गंभीर होना चाहिए। इस दौरान विकास अग्रवाल, सुबोध बंसल, रवि वर्मा, संजीव सिरोही, अमित आदि मौजूद रहे।
2026-08-24


















