गन्ना मूल्यों में वृद्धि को लेकर कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत दिखी नाखुश,सदन में उठायी थी गन्ना मूल्य बढ़ाने की माँग
उत्तराखंड सरकार ने किसानों को गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी कर बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2025 -26 के लिए चीनी मिलों द्वारा क्रय किये जाने वाले गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी के राज्य परामर्शित समिति के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। विधानसभा सत्र के दौरान हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र की विधायक अनुपमा रावत ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की आवाज उठाई थी विधायक ने सरकार से गन्ना मूल्य 500 किये जाने पर कहा गया था शानिवार की देर रात सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में की गई बढ़ोतरी से कांग्रेस की विधायक अनुपमा रावत खुश नजर नही आ रही है विधायक रावत का कहना है गन्ना मूल्य को 500 रुपये किये जाना चाहिए था जिससे किसानों को इसका लाभ हो सके।

कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने कहाँ जो उत्तराखंड सरकार ने गन्ना मूल्य में वृद्धि की है 2025 और 26 की 405 रुपया लेकिन जितना किसान की लागत लगती है और जिस तरीके से किसान संबंधित खेती में जो साधन लगते हैं उसके हिसाब से यह पर्याप्त नहीं हैं मैंने सदन में भी यह मांग उठाई थी की गन्ना मूल्य प्रति कुंतल कम से कम 500 रुपये होना चाइये। जो हमारा रजत जयंती का कार्यक्रम था मैंने उसमें भी कहा था कि अगर सरकार जल्दी घोषित नहीं करती है तो हम किसान सम्मान यात्रा निकालेंगे। लेकिन अब हम इस संबंध में किसानों से अपनी वार्ता करेंगे मैं मानती हूं की मूल्य कम से कम 500 रुपये होना चाहिए था नहीं तो 405 रुपए तो करना ही चाहिए था सरकार को, कांग्रेस के कार्यकाल में हर वर्ष सरकार रेट बढ़ाती थी और पिराई सत्र शुरू होने से पहले ही इस कार्य को करती थी अगर कांग्रेस सदन में इस मुद्दे को नहीं उठाती तो यह कार्य शायद नहीं होता। केंद्र में और राज्य में भाजपा की सरकार है लेकिन जो किसान सबका पेट भरता है क्या आप उसकी जायज मांग को पूरा नहीं कर सकते हैं। क्योंकि मेरा क्षेत्र हरिद्वार ग्रामीण पूरी तरीके से किसानी क्षेत्र है तो मैं किसानो की परेशानी को समझ रही हूं और किसान जिस तरीके से मेहनत करता है वह हमारे अन्नदाता है अगर हम उनके बारे में नहीं सोचेंगे तो किसके बारे में सोचेंगे। अभी हम कुछ समय पहले कांग्रेस के पांच विधायक गन्ना मंत्री सौरभ बहुगुणा से भी मिले थे जिसमें इकबालपुर चीनी मिल से संबंधित जो हमारी किसानों की परेशानी थी उसको लेकर वार्ता भी हुई थी अभी हम किसानों से भी मिलेंगे और उनसे बात करेंगे कि क्या वह इससे खुश है उसके बाद हम अपने आलाकमान से भी इस विषय पर बात करेंगे।




















