ज्वालापुर के कई इलाकों में 18 घंटे ठप्प रही विद्युत आपूर्तिलोगों ने छत पर जागकर गुजारी रात

ज्वालापुर के कई इलाकों में 18 घंटे ठप्प रही विद्युत आपूर्ति
लोगों ने छत पर जागकर गुजारी रात
बूंद बूंद पानी को तरसे लोग, मजबूरी में बोतल बंद पानी से चलाया काम
तारों में आग लगने से उपनगरी ज्वालापुर के कई इलाकों में शनिवार की देर रात ठप्प हो गयी। रविवार दोपहर करीब 18 घंटे बाद विद्यूत आपूर्ति बहाल हो पायी। भीषण गर्मी के मौसम में बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गो ने जागकर रात बितायी। बिजली नहीं रहने के कारण पेयजल आपूर्ति भी ठप्प हो गयी। लोग बंूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए। मजबूरी में लोगों को बोतलबंद पानी खरीदकर काम चलाना पड़ा। शनिवार की रात तारों में फॉल्ट आने के कारण ज्वालापुर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप्प हो गयी। जबकि कई मौहल्लों में एक ही फेस आने की समस्या बनी रही। मंडी का कुंआ, कैथवाड़ा, कड़च्छ, घोसियान, अहबाबनगर आदि इलाकों में रात भर बिजली नहीं आयी। लोगों ने छतों पर रात बितायी। पूरी रात गलियों और सड़कों पर अंधेरा पसरा रहा। लोगों का आरोप है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने फोन तक नहीं उठाए। वाल्मीकि बस्ती, रविदास बस्ती, सोनिया बस्ती में तारों में आग लगने से बिजली जाने पर क्षेत्र के लोगों ने पार्षद प्रतिनिधि मयंक सिंह के नेतृत्व में बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। मयंक सिंह ने बताया कि रात में बिजली के तारों में आग लगने से बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी। विद्युत विभाग के अधिकारी समस्या को हल करने में नाकाम रहे। अधिकारी कर्मचारियों की कमी का हवाला देते रहे। पूरी उपनगरी का बुरा हाल है। कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। बिजली के तार आग लगकर टूट रहे है। लेकिन विभाग के अधिकारी समस्याओं से अंजान बने हुए हैं।