बिजली संशोधन बिल के विरोध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया केंद्र सरकर के खिलाफ प्रदर्शन

बिजली संशोधन बिल के विरोध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया केंद्र सरकर के खिलाफ प्रदर्शन
बिल वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी
विद्युत संशोधन बिल के विरोध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और बिल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के विद्युत एमेण्डमेन्ट बिल-2025 वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन और विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मायापुर स्थित ऊर्जा निगम कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान अभियंता संघ के उपाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करने जा रही है। इसलिए विद्युत संशोधन बिल को संसद में पेश करने की तैयारी की जा रही है। अनिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बिल लाया गया है। यदि यह बिल पास होता है, तो आने वाले समय में निजी कंपनियां अपनी मनमर्जी के अनुसार उपभोक्ता चुनंेगी। बीपीएल, किसान और मजदूर वर्ग को सस्ती बिजली नहीं देंगे। इसके साथ ही ऊर्जा निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की नौकरी खतरे में आ जाएगी। निजी क्षेत्र की कम्पनियां मनमाने ढंग से कार्य करेंगी। बिल ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपेक्षा का प्रयास है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता दीपक सैनी ने चेतावनी देते हुए कहा यदि सरकार विद्युत संशोधन बिल 2025 को वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉईज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर उत्तराखंड के सभी विद्युत अधिकारी और कर्मचारी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रदर्शन करने वालों में अधिशासी अभियंता दीपक सैनी, अनूप सैनी, आशुतोष तिवारी, सैयद सिराज उस्मान, सहायक अभियंता प्रियंका अग्रवाल, अश्वनी कुमार, आलोक चौहान, मनोज कंसल, रीता राजपूत, अमित कुमार, दिवाकर गौड़, लेखाकार मुकेश वार्ष्णेय, हेमंत मलिक, आई.पी.सिंह, सचिव स्वयं सहायता समूह सुनील कुमार, प्रदीप बलौदी, सत्य प्रकाश, कुलदीप सिंह, दिव्या चौधरी, सुनील कुमार, रिजवान अली, राहुल कुमार, नीरज कुमार, सुनील कुमार, धर्म सिंह, सुशील कुमार, मनीष चंचल, संजय चौहान, मोमिन हसन, राकेश कुमार, नरेश कुमार, मनीष कुमार, कपिल उप्रेती, सूरज उप्रेती, सौरभ कुमार, राजेश कुमार, सोन सिंह कश्यप, संदीप, राजेश पाल, जितेंद्र कुमार, लता, नीलम रानी, गौरव कुमार समेत अन्य विद्युत अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।