हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, दूध वाहन समेत रिटेल स्टोरों की जांच
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मंगलवार को जनपद हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों एवं दुग्ध वाहनों का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड, देहरादून विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित तथा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी के निर्देशों के क्रम में की गई।
दूरभाष पर प्राप्त शिकायत के आधार पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा ने कनखल क्षेत्र में अमरोहा, उत्तर प्रदेश से हरिद्वार में दूध वितरण के लिए लाए जा रहे एक दुग्ध वाहन को जांच के लिए रोका। वाहन में गाय एवं भैंस का मिश्रित दूध पाया गया। जांच के दौरान वाहन चालक/स्वामी द्वारा दूध के वितरण एवं सप्लाई से संबंधित खाद्य अनुज्ञप्ति तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर वाहन/डेयरी के स्वामी एम.एस. डेयरी को नोटिस जारी किया गया। साथ ही संदेह के आधार पर मिश्रित दूध का एक नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए लिया गया।





वहीं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन एवं योगेन्द्र पाण्डेय की संयुक्त टीम ने रुड़की शहर के विभिन्न रिटेल स्टोरों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के कुल पांच नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए। इनमें एडिबल ऑयल के दो, चावल का एक, हींग का एक तथा सरसों के तेल का एक नमूना शामिल है।
निरीक्षण के दौरान दो निर्माता कंपनियों को खाद्य लेबल संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), नई दिल्ली के निर्देशों के क्रम में विशाल मेगा मार्ट से एवरेस्ट हींग का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। मौके पर शेष बची नौ हींग की डिब्बियों को बिक्री से हटवा दिया गया।
एक अन्य रिटेल स्टोर संचालक द्वारा कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र तथा पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


















