दिल्ली में जन्मशताब्दी महोत्सव का भव्य शुभारंभ
लोकसभा अध्यक्ष और केन्द्रीय संचार मंत्री ने दिया माताजी की स्मृति किया डाक टिकट का अनावरण, दलनायक डॉ चिन्मय ने कहा- यह ऐतिहासिक त्रिवेणी संगम
वैदिक मंत्रोच्चारण, ध्वजारोहण और हजारों श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच शनिवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार के तीन दिवसीय जन्मशताब्दी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में 20 हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समाज में संस्कार, नारी सम्मान और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।
समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या तथा दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। शांतिकुंज के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण किया।

प्रथम दिन के दूसरे सत्र में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि गायत्री परिवार व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से समाज में नई चेतना जगा रहा है। उन्होंने अखंड दीप की शताब्दी को जन-जन तक ज्ञान और संस्कार का प्रकाश पहुँचाने का संकल्प बताया। केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनसमुदाय को मातृत्व और भाईचारे के विस्तार, नारी सम्मान तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी में आध्यात्मिक चेतना जगाने के तीन संकल्प दिलाए। इस दौरान माताजी के जन्म शताब्दी की स्मृति डाक टिकट का अनावरण किया। विशेष डाक टिकट का जारी होना अखिल विश्व गायत्री परिवार की शताब्दी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह डाक टिकट विगत सौ वर्षों की साधना, तप, सेवा, संगठन और लोकमंगल के लिए किए गए रचनात्मक प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर स्मरण कराता है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 1991 में युगऋषि पं श्रीराम शर्मा आचार्य के नाम पर तथा साल 2021 में शांतिकंुज की स्थापना की स्वर्ण जयंती के अवसर पर डाक टिकट का विमोचन हो चुका है और यह तीसरा मौका है।
इस अवसर पर दलनायक डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह महोत्सव वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी, युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तप-साधना और अखंड दीप के सौ वर्षों का ऐतिहासिक त्रिवेणी संगम है। उन्होंने राजतंत्र की व्यवस्था शक्ति और धर्मतंत्र की नैतिक चेतना के समन्वय को लोकमंगल के लिए आवश्यक बताया। समारोह में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के लगभग 650 विद्यार्थी विभिन्न व्यवस्थाओं में सेवाएँ दे रहे हैं। प्रज्ञा योग और लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता को जीवंत किया।
हरिद्वार के बाद दिल्ली में आयोजित इस द्वितीय चरण में व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों की समीक्षा की जा रही है। दो नवंबर तक चलने वाला यह महोत्सव नारी जागरण, विश्व बंधुत्व और युग निर्माण के संदेश को समर्पित है।
समारोह के प्रथम दिन केन्द्रीय केबीनेट मंत्री श्री मनसुख मांडविया, दिल्ली के केबीनेट मंत्री श्री कपिल मिश्रा, महाराष्ट्र केबीनेट मंत्री श्री सुधीर मुनगंटीवार सहित अनेक राज्यों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




















