प्रयागराज में कुंभ मेले के समापन के बाद अखाड़े के साधु संतों ने अपने अपने अखाड़े की और वापस लौटना शुरू कर दिया है, इसी क्रम में आज श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े कि साधु संतों की जमात आज कुंभ मेला संपन्न करने के बाद अपने अखाड़े में वापस लौट आई है, वही इन साधु संतों का जगह-जगह पुष्प वर्षा और गले में माला डालकर स्वागत भी किया गया, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज ने कहा सैकड़ो की संख्या में जो साधु संत महात्मा हमारे साथ प्रयागराज कुंभ मेले में गए थे वह सकुशल वापस आए आ गये हैं,

इतना दिव्य भव्य कुंभ हमने पहली बार देखा है अब हमारा प्रयास है जो आने वाले 2027 का अर्ध कुंभ मेला है जो हरिद्वार में होना है अब उसके लिए कार्य शुरू किया जाएगा, हमारा पूरा प्रयास रहेगा जैसा हमारा प्रयागराज का कुंभ हुआ है ऐसा ही हमारा हरिद्वार का भी कुंभ होगा, अब पूरे सनातनी जाग चुके हैं पूरा हिंदुस्तान जाग चुका है सबकी एक ही मनसा है हमारे देश के जितने भी हिंदू है सभी एकजुट हो जाए और आने वाले समय में जितनी भी गैर मुल्क की ताकते हैं जो हमारे और सनातन के विरोध में कार्य कर रहे हैं उनको कड़ा जवाब दिया जाएगा। 2027 के अर्ध कुंभ मेले को कुंभ मेले की तर्ज पर धर्म नगरी हरिद्वार में मनाया जाएगा इसको लेकर मुख्यमंत्री से भी हमारी वार्ता हुई थी मुझे मुख्यमंत्री ने कहा था हरिद्वार का आने वाला जो हमारा अर्ध कुंभ है क्योंकि आपने देखा होगा कोरोना काल के समय में हम लोग कुंभ नहीं कर पाए थे इसलिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की इच्छा है की जो हमारा 2027 में अर्ध कुंभ है इसको कुंभ का नाम दिया जाए और बहुत ही दिव्य भव्य रूप में इस कुंभ को मनाया जाएगा। और पेशवाई भी निकलेगी शाही स्नान भी होगा सभी देश-विदेश से संत महात्माओं को भी बुलाया जाएगा जैसे कुंभ होता है ऐसे ही हम अर्ध कुम्भ करने को तैयार है।




















