नेपाल की त्रासदी में मदद को आगे आए हरिद्वार के संत, अखाड़ा परिषद व संत समाज ने जुटाए 38 लाख रुपये, जिलाधिकारी के माध्यम से 51 लाख रुपये तक की पहुंचाई जाएगी सहायता राशि
नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद मदद के लिए अब धर्मनगरी हरिद्वार से भी संत समाज आगे आया हैं। गुरुवार को बड़ा उदासीन अखाड़े में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों और विभिन्न आश्रमों के महंतों की आपात बैठक हुई। बैठक में नेपाल की मदद के लिए करीब 38 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जुटाई गई। संतों का कहना है कि अन्य अखाड़ों और आश्रमों से भी सहयोग लेकर इस राशि को 51 लाख रुपये तक पहुंचाया जाएगा और फिर जिलाधिकारी के माध्यम से यह सहायता राशि नेपाल भेजी जाएगी।
नेपाल में आई त्रासदी ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। मुश्किल की इस घड़ी में पड़ोसी देश की मदद के लिए धर्मनगरी हरिद्वार के संतों ने भी अपना हाथ आगे बढ़ाया है।

आज बड़ा उदासीन अखाड़े में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों, महंतों और विभिन्न आश्रमों के प्रतिनिधियों की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में नेपाल की हर संभव मदद करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में सभी अखाड़ों और आश्रमों की ओर से करीब 38 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एकत्र की गई। संतों का कहना है कि अन्य अखाड़ों और आश्रमों से भी बातचीत कर इस राशि को 51 लाख रुपये तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद यह धनराशि जिलाधिकारी के माध्यम से नेपाल भेजी जाएगी, ताकि त्रासदी से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाई जा सके।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि सभी अखाड़ों के संतों और महंतों ने बैठक कर नेपाल की हर संभव मदद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि बैठक में करीब 38 लाख रुपये जुटाए गए हैं, जिसे अन्य अखाड़ों और संतों के सहयोग से 51 लाख रुपये तक किया जाएगा।

वहीं अखाड़ा परिषद के मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज और ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि कुंभ की तैयारियों को फिलहाल विराम देते हुए अखाड़ा परिषद ने नेपाल की मदद का बीड़ा उठाया है। संतों और महंतों की ओर से इसमें भरपूर सहयोग किया जा रहा है।और अन्य सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ भी बैठक कर नेपाल की अधिक से अधिक मदद करने का प्रयास किया जा रहा है। मुश्किल की इस घड़ी में हरिद्वार के संतों की यह पहल मानवता और सेवा की भावना का संदेश दे रही है।


















