श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर जनपद हरिद्वार में कानून-व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर हरिद्वार जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की मजिस्ट्रेटों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर रहेगी विशेष निगरानी
मंदिरों, झांकियों एवं शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षा, शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर 04 सितंबर 2026 को जनपद हरिद्वार में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने विभिन्न क्षेत्रों में मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर जनपद के मंदिरों में पारंपरिक रूप से झांकियां सजाई जाती हैं, देर रात तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं तथा कई स्थानों पर शोभायात्राएं भी निकाली जाती हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी तैनात मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित करेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी तथा किसी भी प्रकार की अराजक गतिविधि या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आदेश के अनुसार नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार को नगर हरिद्वार क्षेत्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की को रुड़की सब-डिवीजन, उप जिलाधिकारी हरिद्वार, लक्सर एवं भगवानपुर को अपने-अपने सब-डिवीजन तथा संबंधित तहसीलदारों को चिन्हित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आवश्यकता पड़ने पर उप जिलाधिकारी अपने स्तर से अधीनस्थ नायब तहसीलदारों की भी तैनाती कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल संस्थान एवं पेयजल निगम को सुचारु पेयजल व्यवस्था तथा नगर निगम हरिद्वार एवं रुड़की को पर्व के दौरान विशेष साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी सतर्कता एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें।

















