युवा वर्ग का नशे की लत में फंसना बड़ी चिंता का विषय-सुनीता चौधरी

युवा वर्ग का नशे की लत में फंसना बड़ी चिंता का विषय-सुनीता चौधरी
बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता चौधरी ने कहा कि देश और समाज का भविष्य कहे जाने वाले नौजवान आज तेजी से नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। भांग, सुल्फा, शराब, गांजा और स्मैक जैसे खतरनाक नशे युवाओं की जिंदगी को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं। बढ़ती नशाखोरी न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि परिवारों और समाज की नींव को भी कमजोर कर रही है। सुनीता चौधरी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस उम्र में युवाओं को शिक्षा, रोजगार और समाज निर्माण में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए, उस उम्र में बड़ी संख्या में युवा नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रही है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत केवल चिंता जताने की नहीं, बल्कि समाज के सभी जिम्मेदार लोगों के मिलकर इस बुराई के खिलाफ ठोस और प्रभावी अभियान चलाने की है। सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और जागरूक नागरिकों को आगे आकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना होगा। परिवारों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें सही मार्गदर्शन देना चाहिए। सुनीता चौधरी ने कहा कि सरकार और प्रशासन की भूमिका भी इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण है। आरोप है कि नशा बेचने वाले लोगों को पुलिस द्वारा पकड़ा तो जाता है, लेकिन कुछ ही समय बाद वे फिर से खुलेआम कारोबार करने लगते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इसके पीछे कौन लोग संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके परिणाम आने वाले समय में समाज के लिए बेहद घातक साबित हो सकते हैं। बढ़ती नशाखोरी अपराध, बेरोजगारी और सामाजिक विघटन को बढ़ावा दे रही है। इसलिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर इस खतरे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी, तभी युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालकर एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य दिया जा सकेगा।