कांवड़ यात्रा के बाद शांतिकुंज के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

कांवड़ यात्रा के बाद शांतिकुंज के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान
कई टन कचरा किया एकत्रित, स्वच्छता का दिया संदेश


कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद हरिद्वार को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से शांतिकुंज के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हरकी पौड़ी एवं पंतद्वीप क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया। कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा घाटों, मार्गों एवं आसपास के क्षेत्रों में कांवड़ियों द्वारा पुराने कपड़े, कांवड़, प्लास्टिक एवं अन्य सामग्री छोड़े जाने से जगह-जगह कचरा जमा हो गया था। शांतिकंुज के स्वयंसेवकों ने श्रमदान करते हुए कई टन कचरा एकत्रित किया।


अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने सीसीआर, (हरकी पौड़ी) सड़क किनारे तथा आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर सफाई की। कचरे को अलग-अलग स्थानों से एकत्रित कर प्रशासन के सहयोग से निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया गया। स्वयंसेवकों ने लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाने का संदेश दिया।


विदेश प्रवास पर गए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या अभियान से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने शांतिकुंज के स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हरिद्वार को स्वच्छ रखना प्रशासन के साथ ही प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। धार्मिक आस्था के साथ सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज का सेवा भाव हमेशा समाजहित के कार्यों में आगे रहा है। कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान इसी सेवा भावना का उदाहरण है। उन्होंने स्वयंसेवकों के श्रम और समर्पण की सराहना की।
स्वयंसेवकों ने कहा कि तीर्थनगरी हरिद्वार की पवित्रता और सुंदरता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान में बड़ी संख्या में शांतिकुंज के स्वयंसेवकों, स्थानीय प्रशासन के कर्मचारियों एवं अन्य सहयोगियों ने भाग लिया। स्वयंसेवकों ने भविष्य में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।