भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने की कृषि भूमि पट्टाधारकों को भूमिधरी का अधिकार दिए जाने की मांग
भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चौधरी ने कृषि भूमि पट्टाधारकों को भूमिधरी का अधिकार दिए जाने की मांग की है। प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सुभाष चौधरी ने कहा कि वर्ष 1976 में कुतुबपुर, गढ़ मीरपुर, राजपुर, पूरनपुर, सलेमपुर, सुमन नगर, बीचपड़ी सहित कई गांवों में ग्रामीणों को कृषि भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे। पट्टाधारकों में एससी, एसटी सहित सभी वर्गो के किसान शामिल हैं। पट्टे आवंदित होने के बाद से ही सभी काश्तकारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में देहरादून व उधम सिंह नगर के किसानों को मालिकाना हक दिए जाने का निर्णय लिया गया है। लेकिन हरिद्वार के किसानों की अनदेखी कर दी गयी। सरकार दोहरा मापदंड किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील करते हुए कहा कि हरिद्वार जनपद के किसानों को भी मालिकाना हक दिया जाए। जिससे किसान अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका हक दिलाने के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। महासचिव अर्जुन कर्णवाल ने कहा कि पात्रता एवं नियमों के अनुसार हरिद्वार के किसानों को भी उनका अधिकार दिया जाए। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जा रहा है। सरकार द्वारा 10 दिन में सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने पर किसान आंदोलन करने को विवश होंगे।
2026-10-24




















