गायत्री विद्यापीठ में विज्ञान, कला और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम
विद्यापीठ की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने किया विज्ञान एवं हस्तकला प्रदर्शनी का शुभारंभ
गायत्री विद्यापीठ शांतिकुंज में शनिवार को विज्ञान एवं हस्तकला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सोच, रचनात्मक प्रतिभा और भारतीय संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री विद्यापीठ की अध्यक्षा श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से उनके मॉडलों और कलाकृतियों की अवलोकन किया। श्रीमती पण्ड्या ने बच्चों की वैज्ञानिक जिज्ञासा, मेहनत और सृजनशीलता की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया।
प्रदर्शनी में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और सतत विकास से जुड़े कार्यशील मॉडल प्रदर्शित किए। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक समझ से दैनिक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। आकर्षक हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ, चित्रकला, सामाजिक विज्ञान की परियोजनाएँ और राम दरबार की मनमोहक झाँकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

प्रदर्शनी का एक अनूठा आकर्षण “हमारे आदर्श, हमारा गौरव एवं हमारे महापुरुष“ विषय पर आधारित जीवंत प्रदर्शनी रही। इसमें बच्चों ने पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य, परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा सहित देश के महान महापुरुषों, वीरांगनाओं और देवी स्वरूपों की वेशभूषा धारण की। विद्यार्थियों ने इन विभूतियों के स्वरूप में बैठकर उनके जीवन, योगदान और प्रेरणादायी आदर्शों से दर्शकों को परिचित कराया। इस प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की सुंदर झलक दिखाई।
गायत्री विद्यापीठ के प्रधानाचार्य श्री सीताराम सिन्हा ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस अवसर पर विद्यापीठ, शांतिकंुज परिवार सहित देवसंस्कृति विवि के अधिकारीगण एवं छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने बच्चों के प्रदर्शन को खूब सराहा।




















