गोल्फ कारों के संचालन के विरोध में 30 अक्टूबर को नगर निगम का घेराव करेंगे वाहन चालक

गोल्फ कारों के संचालन के विरोध में 30 अक्टूबर को नगर निगम का घेराव करेंगे वाहन चालक

संयुक्त महासंघ ने किया ऐलान, सुबह 10 बजे ऋषिकुल मैदान में जुटेंगे ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा चालक

नगर निगम हरिद्वार द्वारा शहर में गंगा सारथी गोल्फ कारों के संचालन और सिटी बसों की व्यवस्था को लेकर स्थानीय ऑटो, विक्रम एवं ई-रिक्शा चालकों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय वाहन चालकों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए संयुक्त महासंघ हरिद्वार ने 30 अक्टूबर 2026 को नगर निगम का घेराव करने का ऐलान किया है। महासंघ ने इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया है।
संयुक्त महासंघ के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि शहर में गोल्फ कारों का संचालन शुरू होने से हजारों स्थानीय वाहन चालकों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। पहले से ही हरिद्वार में बड़ी संख्या में ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिनसे हजारों परिवारों की आजीविका चलती है। ऐसे में स्थानीय चालकों के हितों की अनदेखी कर नई परिवहन व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है।
उन्होंने मांग की कि गंगा सारथी गोल्फ कारों के परमिट, पंजीकरण, रोड टैक्स, फिटनेस और व्यावसायिक श्रेणी से संबंधित नियमों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, गोल्फ कारों के संचालन पर पुनर्विचार कर स्थानीय वाहन चालक यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उचित समाधान निकाला जाए।
एकजुट होकर करेंगे नगर निगम का घेराव
महासंघ के महामंत्री नवीन तेश्वर ने कहा कि स्थानीय वाहन चालकों की आजीविका प्रभावित कर किसी एक ठेकेदार को रोजगार देने का प्रयास गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल ई-रिक्शा चालकों की नहीं, बल्कि ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा यूनियनों से जुड़े हजारों वाहन स्वामियों, चालकों और उनके परिवारों के भविष्य की लड़ाई है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न यूनियनों के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 30 अक्टूबर को नगर निगम के घेराव का निर्णय लिया गया है। इसके तहत सुबह 10 बजे ऋषिकुल मैदान में वाहन चालक और यूनियनों के प्रतिनिधि एकत्र होंगे। यहां से नगर निगम पहुंचकर गोल्फ कारों के संचालन के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।

मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

नवीन तेश्वर ने कहा कि फिलहाल महासंघ स्थानीय वाहन चालकों के हितों की रक्षा के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहा है। यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो उत्तराखंड की अन्य ट्रेड यूनियनों का सहयोग लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभिन्न संगठनों से बातचीत की जा चुकी है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
वहीं, राजू मनोचा ने कहा कि हरिद्वार प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, जहां पहले से ही यातायात का भारी दबाव रहता है। ऐसे में किसी भी नई परिवहन व्यवस्था को लागू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों, यातायात व्यवस्था और पहले से रोजगार कर रहे वाहन चालकों के हितों का ध्यान रखना जरूरी है।
इन मांगों को लेकर आंदोलन
महासंघ ने मांग की है कि गंगा सारथी गोल्फ कारों के संचालन की वैधानिकता की जांच कराई जाए, उनके संचालन पर पुनर्विचार किया जाए और स्थानीय ऑटो, विक्रम एवं ई-रिक्शा यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाए। महासंघ ने प्रदेश सरकार से भी मामले में हस्तक्षेप कर हजारों परिवारों की आजीविका की रक्षा करने की अपील की है।
बैठक में भीमगोड़ा कोटा यूनियन के अध्यक्ष अशोक कश्यप, पोस्ट ऑफिस यूनियन के अध्यक्ष देवा ठाकुर, महामंत्री सर्वेश, रेलवे स्टेशन यूनियन के अध्यक्ष रवि शर्मा, रोडवेज ऑटो यूनियन के अध्यक्ष कपिल, विष्णु अरोड़ा, रोडवेज ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष परविंदर पंडित, संजीव चतुर्वेदी, पोस्ट ऑफिस ऑटो यूनियन के अध्यक्ष काका, सर्वेश, चंडी देवी ऑटो यूनियन के अध्यक्ष मनोज कुमार, सुभाष सिंह और भगत सिंह सहित विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।