कुंभ-2027: हाथियों की आवाजाही रोकने को 8.5 किमी सोलर फेंसिंग, वन विभाग अलर्ट

कुंभ-2027: हाथियों की आवाजाही रोकने को 8.5 किमी सोलर फेंसिंग, वन विभाग अलर्ट

टेंट सिटी और पार्किंग स्थलों की सुरक्षा पर विशेष फोकस, हाथियों की निगरानी के लिए बनेगा अर्ली वार्निंग सिस्टम; वन्यजीवों से जुड़ी आपात स्थिति से निपटने को 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

कुंभ-2027 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को कम करने के लिए हरिद्वार वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेला क्षेत्र और आसपास के जंगलों में हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ उन्हें टेंट सिटी और पार्किंग स्थलों की ओर आने से रोकने के लिए करीब 8.5 किलोमीटर लंबी सोलर फेंसिंग और हाथी रोधी खंदक तैयार की जा रही है। इसके अलावा वॉच टावर, रेडियो कॉलरिंग, अर्ली वार्निंग सिस्टम और 24 घंटे सक्रिय रहने वाले कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
हरिद्वार के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध्र के अनुसार, कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए वन्यजीवों से सुरक्षा के इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रखने के साथ वन्यजीवों को भी उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखना है।

टेंट सिटी और पार्किंग स्थलों के आसपास बनेगा सुरक्षा घेरा

कुंभ के दौरान टेंट सिटी, पार्किंग स्थलों और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहेगी। जंगलों से हाथियों की आवाजाही के कारण इन क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए वन विभाग सिंचाई विभाग के सहयोग से लगभग 8.5 किलोमीटर लंबी सोलर फेंसिंग और हाथी रोधी खंदक तैयार कर रहा है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित कर संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

वॉच टावर और रेडियो कॉलरिंग से होगी निगरानी

हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में वॉच टावर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, रेडियो कॉलरिंग और अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से हाथियों की आवाजाही की जानकारी समय रहते प्राप्त करने की योजना है। इससे हाथियों के संवेदनशील क्षेत्रों की ओर बढ़ने पर संबंधित टीमों को पहले ही अलर्ट किया जा सकेगा और संभावित खतरे से निपटने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकेंगे।

हाथी, तेंदुआ और अन्य वन्यजीवों के लिए बनेगा कंट्रोल रूम

वन्यजीवों से जुड़ी आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए वन विभाग 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। यह व्यवस्था केवल हाथियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तेंदुआ, सांप, मगरमच्छ और अन्य वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने पर भी कार्रवाई में मदद करेगी।
कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारियों और रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए हेल्पलाइन, स्थानीय वनकर्मियों और रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा के साथ वन्यजीवों को भी बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास की ओर ले जाया जा सके।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ वन्यजीव संरक्षण भी प्राथमिकता

हरिद्वार का मेला क्षेत्र जंगलों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के आसपास स्थित है। ऐसे में कुंभ जैसे बड़े आयोजन के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। सोलर फेंसिंग, हाथी रोधी खंदक, निगरानी तंत्र और त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था के जरिए इस चुनौती से निपटने की तैयारी की जा रही है।
कुंभ-2027 के दौरान इन इंतजामों की प्रभावशीलता नियमित निगरानी, समय पर मरम्मत और विभागों के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी। वन विभाग का लक्ष्य है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ वन्यजीवों का संरक्षण भी प्रभावी ढंग से किया जा सके।