पिरान कलियर शरीफ में 758वें सालाना उर्स में उमड़ा आस्था का सैलाब

पिरान कलियर शरीफ में 758वें सालाना उर्स में उमड़ा आस्था का सैलाब, हिन्दू-मुस्लिम एकता का दिया संदेश,अंजुमन गुलामाने सोसायटी की तरफ़ से पेश की गई चादर

हरिद्वार के पिरान कलियर शरीफ में विश्व प्रसिद्ध हजरत साबिर पाक की दरगाह पर 758वां सालाना उर्स जारी है। उर्स के मौके पर देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों की संख्या में जायरीन कलियर शरीफ पहुंचकर साबिर पाक की दरगाह पर जियारत कर रहे हैं और अपनी मन्नत-मुराद के लिए दुआएं मांग रहे हैं।
साबिर पाक की दरगाह के प्रति जायरीनों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि जो लोग सच्चे मन से यहां पहुंचकर अपनी मन्नत मांगते हैं, उनकी मुराद पूरी होती है। यही आस्था उर्स के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को पिरान कलियर शरीफ खींच लाती है।

उर्स की सबसे खास बात यहां देखने को मिलने वाली हिन्दू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। बिना किसी जाति-धर्म के भेदभाव के हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ कतारों में लगकर साबिर पाक की दरगाह पर जियारत करते हैं। यहां से देशभर में भाईचारे और आपसी एकता का पैगाम जाता है।

उर्स के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों की ओर से हाथों में चादर लेकर जुलूस भी निकाला जाता है। कई किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद अकीदतमंद लंबी-लंबी कतारों में लगकर चादर साबिर पाक की दरगाह पर पेश करते हैं और मुल्क की खुशहाली, अमन-चैन तथा सलामती के लिए दुआ करते हैं।

दरगाह से जुड़ी मान्यताओं के चलते बड़ी संख्या में लोग अपनी परेशानियों और मन्नतों के साथ भी यहां पहुंचते हैं। जायरीनों का विश्वास है कि साबिर पाक की दरगाह पर हाजिरी लगाने से उनकी समस्याओं और परेशानियों का समाधान होता है।

इसी क्रम में अंजुमन गुलामाने मुस्तफा सोसायटी (रजि.) के पदाधिकारियों की ओर से भी साबिर पाक की दरगाह पर चादर पेश की गई। इस दौरान मुल्क की सलामती, अमन और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। सोसायटी की ओर से दरगाह पर एक चांदी का ताला भी भेंट किया गया।

758वें सालाना उर्स के दौरान पिरान कलियर शरीफ में उमड़ रही जायरीनों की भीड़ जहां लोगों की आस्था को दर्शा रही है, वहीं यह आयोजन देश में हिन्दू-मुस्लिम एकता, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश भी दे रहा है।