देसंविवि, शांतिकुंज में राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा आजादी का महा उत्सव
आजादी के महा उत्सव पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज सहित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं गायत्री विद्यापीठ में राष्ट्रभक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली। 80वां स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर पूरा परिसर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। देशभक्ति गीतों, अनुशासित परेड और तिरंगा रैली ने वातावरण में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया।
इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेया शैलदीदी, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या एवं शांतिकुंज महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने 18 करोड़ गायत्री साधकों का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही उपस्थित साधकों एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प लिया।

गायत्री विद्यापीठ के बच्चों के प्रज्ञा बैंड ने देशभक्ति से ओत-प्रोत धुनों की प्रस्तुति दी। इसकी गूंज से पूरा वातावरण राष्ट्रभाव से भर उठा। सुरक्षा स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स तथा स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने अनुशासित परेड प्रस्तुत कर देश के प्रति कर्तव्य और अनुशासन का संदेश दिया। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में निकली तिरंगा रैली आकर्षण का केंद्र रही।




अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस आजादी का उत्सव के साथ ही राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लेने का अवसर है। देश की युवा शक्ति नशे और कुरीतियों से मुक्त होकर अपनी ऊर्जा रचनात्मक कार्यों में लगाए। उन्होंने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने व्यक्ति निर्माण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। श्रेष्ठ विचार, श्रेष्ठ चरित्र और श्रेष्ठ कर्म से ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने सभी से राष्ट्रहित, समाजसेवा और श्रेष्ठ नागरिक बनने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर देवसंस्कृति विवि, शांतिकंुज एवं गायत्री विद्यापीठ परिवार के सदस्यगण उपस्थित रहे।


















