हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने लगाया फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। प्रेस क्लब सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं काटने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं को बीएलओ द्वारा नाम से संबंधित विसंगतियां दूर करने के लिए नोटिस दिए गए हैं, उनके नाम भी फॉर्म-7 के माध्यम से हटाने का प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर जीवित मतदाताओं को मृत दर्शाया जा रहा है। बीएलओ से मिली जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के खिलाफ भी फॉर्म-7 लगाए गए हैं, जो अपने गांव में ही निवास कर रहे हैं और पूर्व में कई बार मतदान कर चुके हैं।

अनुपमा रावत ने बताया कि 7 अगस्त को 126, 8 अगस्त को 426 और 9 अगस्त को 331 मतदाताओं के नाम फॉर्म-7 के माध्यम से हटाने के प्रयास की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि संबंधित मतदाता अपने गांवों में निवास कर रहे हैं और उन्होंने देश के किसी अन्य हिस्से में अपना नाम किसी दूसरे मतदान केंद्र पर पंजीकृत नहीं कराया है।

विधायक ने फॉर्म-7 के बार-बार इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम पांच बार फॉर्म-7 का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां एक व्यक्ति ने पांच से अधिक बार फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 7 अगस्त को जोगेंद्र सिंह द्वारा 11 तथा गुरुदयाल सिंह द्वारा 7 फॉर्म-7 लगाए गए।

अनुपमा रावत ने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच बेहद आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल नियमों के अनुसार किया जा रहा है या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य है।

फॉर्म-10 सार्वजनिक करने की मांग

विधायक ने फॉर्म-10 को सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि फॉर्म-10 के अवलोकन से यह स्पष्ट हो सकता है कि किन मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है और उसके पीछे क्या कारण दर्ज किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर फॉर्म-10 सार्वजनिक नहीं किया गया है।

अनुपमा रावत ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित करता है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग की शिकायतों की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के दुरुपयोग के संबंध में प्रशासन को भी अपने स्तर पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए वह हर स्तर पर आवाज उठाएंगी। यदि वैध मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई तो इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

प्रेसवार्ता में मुशर्रफ अंसारी, कादिर, नदीम, हमीद, शमा, नोमान आदि मौजूद रहे।