सुमन नगर में जलभराव से हाहाकार, जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद
एक ट्रैक्टर-पंप के भरोसे पानी निकासी की व्यवस्था, ट्रैक्टर भी सामान समेटकर लौटा, ग्रामीणों के फोन तक नहीं उठा रहे अधिकारी
टिहरी विस्थापित पुनर्वास विकास कॉलोनी सुमन नगर में रोड नंबर-3 पर जलभराव लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। मकान और सड़के पानी से लबालब भरी पड़ी है। एक ओर जिलाधिकारी ने पानी की निकासी हर हाल में कराने के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर पिछले दो दिनों से मौके पर जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी नहीं होने का ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं। जल निकासी के लिए लगाया गया एकमात्र ट्रैक्टर-पंप भी अब मौके से चला गया। ऐसे में घरों और सड़कों पर जमा पानी के बीच लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। आरएस भट्ट, अमन कुमार, रायपाल सिंह, विपिन कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के लिए अधिकारियों को फोन किया जा रहा है, लेकिन फोन तक नहीं उठाए जा रहे। सवाल उठ रहा है कि जब डीएम के आदेश साफ हैं तो उनका पालन जमीन पर कौन करा रहा है?

कॉलोनी में कई स्थानों पर बारिश का पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा है। लोगों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना प्रभावित हो रहा है और रोजमर्रा के कामों के लिए भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि घर में आने वाला पीने का पानी भी बदबूदार हो गया है, जिससे स्वच्छ पेयजल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जल निकासी के लिए एक ट्रैक्टर-पंप लगाया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक इतने बड़े क्षेत्र से पानी निकालने के लिए एक मशीन पर्याप्त नहीं थी। ट्रैक्टर चालक ने भी कथित तौर पर बताया कि एक ट्रैक्टर से पूरा पानी निकालना संभव नहीं है और इसके लिए कई पंपिंग मशीनों की जरूरत होगी। इसके बावजूद अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई।
लगातार परेशानी के बीच ट्रैक्टर चालक पंपिंग मशीन लेकर वहां से चला गया। अब लोगों के सामने सवाल है कि जमा पानी आखिर कैसे निकलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने पानी निकालने का भरोसा दिया था, लेकिन मौके पर पर्याप्त मशीनें नहीं हैं और अधिकारी भी दिखाई नहीं दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार आपदा प्रबंधन, राजस्व और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी गई है। लेखपाल और कानूनगो से भी शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा। वहीं ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उसने भी फोन उठाना बंद कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन से अधिकारी मौके पर पहुंचकर जलभराव की वास्तविक स्थिति तक देखने नहीं आए। ऐसे में डीएम के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
अब ग्रामीणों की मांग है कि वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लें, पर्याप्त संख्या में पंपिंग मशीनें लगाई जाएं, पानी की निकासी कराई जाए और बदबूदार पेयजल की समस्या का भी तत्काल समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि जब तक पानी नहीं निकलता, घर से निकलना, बच्चों को स्कूल भेजना और सामान्य जिंदगी जीना मुश्किल बना रहेगा।


















