तीन दिवसीय ट्रस्ट मंडल कार्यशाला का समापनप्रज्ञा संस्थान जनजागरण का सशक्त केन्द्र बने: डाॅ चिन्मय पण्ड्या

तीन दिवसीय ट्रस्ट मंडल कार्यशाला का समापन
प्रज्ञा संस्थान जनजागरण का सशक्त केन्द्र बने: डाॅ चिन्मय पण्ड्या


अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय ट्रस्ट मंडल कार्यशाला का आज समापन हो गया। समापन समारोह का देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डाॅ चिन्मय पण्ड्या एवं अन्य अतिथियांे ने दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डाॅ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि गायत्री शक्तिपीठ उपासना स्थल के साथ ही युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने वाले जनजागरण के सशक्त केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्टी का सेवा, समर्पण और उत्तरदायित्व का दायित्व का नाम है। प्रत्येक ट्रस्टी संगठन की मर्यादाओं, अनुशासन और पारदर्शिता का पालन करते हुए शक्तिपीठों को संस्कार, स्वाध्याय, सेवा और समाज निर्माण की गतिविधियों से निरंतर सक्रिय बनाए। जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक डाॅ चिन्मय पण्ड्या ने आगामी कार्य योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
वहीं तीन दिन चले इस कार्यशाला में शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि, शक्तिपीठ प्रकोष्ठ के समन्वयक श्री बालरूप शर्मा, श्री केपी दुबे, श्री परमानन्द द्विवेदी आदि विषय विशेषज्ञों ने अपने अपने विचार रखे।


कार्यशाला के समन्वयक के अनुसार शक्तिपीठों के माध्यम से परिवार निर्माण, नैतिक जागरण एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण के कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाये जाने पर विस्तृत चर्चा परिचर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में उड़ीसा, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के गायत्री शक्तिपीठों, प्रज्ञा संस्थानों से 250 से अधिक ट्रस्टी, जोन, उपजोन एवं जिला समन्वयकांें ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर शांतिकंुज एवं देवसंस्कृति विवि के अनेक भाई बहिनों सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।