एनालॉग पनीर की शिकायतों पर हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

एनालॉग पनीर की शिकायतों पर हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
पनीर निर्माण इकाइयों, होटल, डेयरी और गोदामों का सघन निरीक्षण, छह खाद्य नमूने जांच को भेजे

एनालॉग पनीर से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार जनपद में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पाण्डेय एवं जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देश पर हुई कार्रवाई में पनीर निर्माण इकाइयों, डेयरी, होटल, खाद्य प्रतिष्ठानों और खाद्य तेल गोदामों का निरीक्षण किया गया।


उपायुक्त गढ़वाल आर.एस. रावत के नेतृत्व में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एवं विभागीय टीमों ने विभिन्न स्थानों पर जांच की। जशोदरपुर और दुर्गागढ़ स्थित पनीर निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण किया गया। दुर्गागढ़ की इकाई स्थायी रूप से बंद मिली, जबकि जशोदरपुर की इकाई में नवीनीकरण और नई पैक्ड पनीर यूनिट की स्थापना के कारण 27 अगस्त से उत्पादन बंद पाया गया।


सराय स्थित खाद्य तेल निर्माता कंपनी के वितरण गोदाम से कच्ची धानी सरसों तेल और वनस्पति के दो विधिक नमूने लिए गए। वहीं करीब 50 किलोग्राम खराब बेसन मौके पर नष्ट कराया गया तथा खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और साफ-सफाई के निर्देश दिए गए।
रहमतपुर, पिरान कलियर स्थित पनीर सप्लाई यूनिट से पनीर का नमूना लिया गया। जांच में यहां मेरठ स्थित एफएसएसएआई लाइसेंसधारी इकाई से पैक्ड पनीर की आपूर्ति होने की जानकारी मिली। गैर-अनुपालन पाए जाने पर संबंधित कारोबारी को नोटिस जारी किया गया। तस्सीपुर, रुड़की स्थित डेयरी से भी पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया।
हरिद्वार शहर में होटल एवं खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान श्रवणनाथ नगर स्थित होटल ध्रुव गंगा में बिना पंजीकरण किचन संचालित पाया गया। होटल संचालक के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए प्रिपेयर्ड फूड (ग्रेवी) का नमूना लिया गया। ब्रह्मपुरी, मनसा देवी रोड स्थित एक प्रतिष्ठान से वनस्पति का नमूना भी जांच के लिए संग्रहित किया गया।
इसके अलावा बिना पंजीकरण, अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य प्रतिष्ठान संचालित करने और कालातीत खाद्य सामग्री की बिक्री से जुड़े मामलों में पूर्व नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पांच खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान कुल छह विधिक खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।