कुंभ-2027: गंगा नहर बंदी में घाट निर्माण की बड़ी चुनौती पार, तय समयसीमा में पूरे हुए महत्वपूर्ण कार्य
सवा तीन किलोमीटर क्षेत्र में बन रहे 10 नए घाटों का अधिकांश निर्माण पूरा, 56 पुराने घाटों के जलमग्न हिस्सों की मरम्मत भी संपन्न
कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में गंगा नहर क्लोजर के दौरान घाट निर्माण और मरम्मत के महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कर लिए गए हैं। सामान्य जलप्रवाह शुरू होने के बाद जिन कार्यों को करना संभव नहीं था, उन्हें क्लोजर अवधि में दिन-रात काम कराकर पूरा किया गया। इसके साथ ही कुंभ की तैयारियों में घाट निर्माण से जुड़ी एक बड़ी तकनीकी चुनौती भी पार हो गई है।
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश पर गंगा नहर बंदी की अवधि का पूरा उपयोग करते हुए निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर कराया गया। घाटों के जलमग्न रहने वाले हिस्सों और नदी तल में जलस्तर से नीचे होने वाले निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी गई। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी भी की गई।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल के अनुसार, कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरिद्वार में लगभग सवा तीन किलोमीटर क्षेत्र में 10 नए घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। इन सभी घाटों का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य 30 नवंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे।
इसके अलावा अपर गंगा कैनाल के 34 पुराने घाटों और एस्केप चैनल के 22 घाटों के जलमग्न हिस्सों की मरम्मत भी क्लोजर अवधि में पूरी कर ली गई है। कुल 56 पुराने घाटों पर मरम्मत का कार्य किया गया है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि गंगा नहर बंदी की अवधि 7 नवंबर की रात समाप्त हो रही है। क्लोजर के दौरान किए जाने वाले सभी आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरे कर लिए गए हैं। अब सामान्य जलप्रवाह शुरू होने के बाद घाटों के जलस्तर से ऊपर के शेष निर्माण कार्य, सौंदर्यीकरण और फिनिशिंग का काम तेजी से कराया जाएगा।
शेष कार्यों को भी 30 नवंबर तक गुणवत्ता के साथ पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कुंभ मेला-2027 के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक घाट उपलब्ध कराए जा सकें।




















